दिवाली तिथियाँ — धर्मयुगम्
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दिवाली तिथियाँ कैलेंडर

किसी भी साल के लिए दिवाली के सभी पाँच दिन (धनतेरस, नरक चतुर्दशी, लक्ष्मी पूजा, गोवर्धन पूजा, भाई दूज) अपने शहर के हिसाब से निकालें — लक्ष्मी पूजा मुहूर्त और शुभ समय भी साथ में।

दिवाली हिंदू कैलेंडर में पाँच दिवसीय रोशनी का त्योहार है। धनतेरस (कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी), नरक चतुर्दशी (कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी), लक्ष्मी पूजा (कार्तिक अमावस्या), गोवर्धन पूजा (कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा), और भाई दूज (कार्तिक शुक्ल द्वितीया)। मुख्य रात, लक्ष्मी पूजा, अमावस्या को मनाई जाती है।

परिणाम देखने के लिए “दिवाली तिथियाँ निकालें” दबाएँ।

इस टूल को कैसे उपयोग करें

01

साल चुनें

जिस साल की दिवाली तिथियाँ चाहिए वह डालें — बीता हुआ, चालू, या आने वाला साल।

02

अपना शहर चुनें

एक प्रीसेट शहर चुनें या 'कस्टम' चुनकर अपना अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र डालें।

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गणना करें दबाएँ

टूल चंद्र कैलेंडर और आपके स्थान के आधार पर दिवाली के सभी पाँच दिनों की सटीक तिथियाँ ढूंढता है।

04

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त देखें

परिणाम में सभी पाँच त्योहारी दिनों के साथ लक्ष्मी पूजा मुहूर्त भी दिखता है।

दिवाली क्या है?

दिवाली (या दीपावली) हिंदुओं, जैनों, सिखों और कुछ बौद्धों द्वारा मनाया जाने वाला पाँच दिवसीय रोशनी का त्योहार है। यह 14 वर्षों के वनवास के बाद भगवान राम की अयोध्या वापसी, प्रकाश की अंधकार पर विजय और समृद्धि के लिए देवी लक्ष्मी की पूजा का प्रतीक है। पाँचों दिनों का अपना महत्व है: धनतेरस (धन), नरक चतुर्दशी (बुराई पर विजय), लक्ष्मी पूजा (धन की देवी), गोवर्धन पूजा (प्रकृति पूजा), और भाई दूज (भाई-बहन का बंधन)।

दिवाली क्यों मनाई जाती है?

दिवाली प्रकाश की अंधकार पर, ज्ञान की अज्ञानता पर, और अच्छाई की बुराई पर विजय का उत्सव है। यह भगवान राम की अयोध्या वापसी, भगवान कृष्ण द्वारा राक्षस नरकासुर के वध, और देवी लक्ष्मी की पूजा का सम्मान करता है। यह त्योहार घरों की सफाई, दीप जलाने, मिठाई बांटने, पूजा करने और पारिवारिक बंधनों को मजबूत करने का समय है। यह जीवन, आशा और दिव्य कृपा का उत्सव है जो समृद्धि और खुशी लाता है।

दिवाली मनाने के लाभ

🪔

दिव्य आशीर्वाद

लक्ष्मी और गणेश की पूजा करने से धन, समृद्धि और सफलता प्राप्त होती है।

आंतरिक प्रकाश

दीप जलाना अज्ञानता को दूर करने और ज्ञान को जागृत करने का प्रतीक है।

👨‍👩‍👧‍👦

पारिवारिक संबंध

दिवाली परिवारों को पूजा, मिठाई और उत्सव के लिए एक साथ लाती है।

💖

खुशी और आनंद

यह त्योहार हृदय को खुशी, आशा और कृतज्ञता से भर देता है।

🌿

आध्यात्मिक विकास

अनुष्ठानों में भाग लेने से आध्यात्मिक संबंध और आस्था गहरी होती है।

🕊️

शांति और सद्भाव

यह त्योहार सद्भावना, क्षमा और सद्भाव को बढ़ावा देता है।

ये पारंपरिक मान्यताएं हैं, चिकित्सीय सलाह नहीं। किसी भी उपवास से पहले कृपया डॉक्टर से सलाह लें।

दिवाली की विधियाँ और उत्सव

दिवाली 5 दिनों में विभिन्न विधियों और परंपराओं के साथ मनाई जाती है:

🪙

धनतेरस — धन की खरीदारी, दीप जलाना, धन्वंतरि पूजा

🌑

नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली) — स्नान, दीप जलाना, नरकासुर वध का स्मरण

🪔

लक्ष्मी पूजा (मुख्य दिवाली) — लक्ष्मी-गणेश पूजा, दीप जलाना, आतिशबाजी

🌄

गोवर्धन पूजा — अन्नकूट, गोवर्धन पर्वत की पूजा, भगवान कृष्ण की पूजा

🤝

भाई दूज — भाई-बहन का पवित्र बंधन, तिलक, भोजन

🧹

घर की सफाई — घरों को साफ-सुथरा करना, रंगोली बनाना

🍬

मिठाई और उपहार — मिठाई बाँटना, उपहार देना, नए कपड़े पहनना

🎆

आतिशबाजी — पटाखे और आतिशबाजी का आनंद लेना

दिवाली की उत्पत्ति

दिवाली की उत्पत्ति भारतीय पौराणिक कथाओं में गहराई से निहित है। यह 14 वर्षों के वनवास के बाद भगवान राम की अयोध्या वापसी का प्रतीक है, जिसे दीप जलाकर मनाया जाता है। कुछ परंपराओं में, यह भगवान कृष्ण द्वारा राक्षस नरकासुर के वध का प्रतीक है। जैनियों के लिए, यह महावीर के निर्वाण प्राप्ति का स्मरण है। सिखों के लिए, यह गुरु हरगोबिंद की कारावास से रिहाई का प्रतीक है। यह त्योहार सहस्राब्दियों से मनाया जाता रहा है और यह आशा, नवीनीकरण और प्रकाश की अंधकार पर विजय का प्रतीक है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

दिवाली के 5 दिन कौन से हैं?

5 दिन हैं: धनतेरस (कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी), नरक चतुर्दशी (कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी), लक्ष्मी पूजा (कार्तिक अमावस्या), गोवर्धन पूजा (कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा), और भाई दूज (कार्तिक शुक्ल द्वितीया)।

लक्ष्मी पूजा का सबसे अच्छा समय क्या है?

लक्ष्मी पूजा के लिए सबसे शुभ समय अमावस्या पर प्रदोष काल (शाम की गोधूलि) के दौरान होता है। सटीक मुहूर्त स्थान के अनुसार बदलता है। यह टूल आपके शहर के लिए लक्ष्मी पूजा मुहूर्त की गणना करता है।

दीप जलाने का क्या महत्व है?

दीप जलाना प्रकाश की अंधकार पर, ज्ञान की अज्ञानता पर, और आशा की निराशा पर विजय का प्रतीक है। यह देवी लक्ष्मी का आशीर्वाद आमंत्रित करता है।

क्या इस टूल का डेटा १००% सही है?

यह मध्य-सटीक खगोलीय सूत्रों का उपयोग करता है। सटीक मुहूर्त समय के लिए, कृपया स्थानीय पंचांग या पुरोहित से पुष्टि करें।

दिवाली न चूकें

अपना ईमेल दें — हम आपको दिवाली से पहले सूचित करेंगे, ताकि आप पाँच दिवसीय रोशनी के त्योहार की तैयारी कर सकें।

नोट: यहाँ की दिवाली तिथियाँ मध्य-सटीक सूत्रों का उपयोग करके गणना की गई हैं। सटीक मुहूर्त समय के लिए, कृपया स्थानीय पंचांग या पुरोहित से पुष्टि करें।