दुर्गा पूजा एवं शारदीय नवरात्रि तिथियाँ
किसी भी साल के लिए दुर्गा पूजा / शारदीय नवरात्रि की सटीक तिथियाँ — महालया, नवरात्रि के 9 दिन और विजयदशमी (दशहरा) भी साथ में।
दुर्गा पूजा / शारदीय नवरात्रि अश्विन शुक्ल प्रतिपदा से शुरू होती है और विजयदशमी (दशमी) पर समाप्त होती है। महालया (सर्व पितृ अमावस्या) नवरात्रि से पहले अमावस्या को पड़ती है।
इस टूल को कैसे उपयोग करें
01
साल चुनें
जिस साल की दुर्गा पूजा तिथियाँ चाहिए वह डालें — बीता हुआ, चालू, या आने वाला साल।
02
अपना शहर चुनें
एक प्रीसेट शहर चुनें या 'कस्टम' चुनकर अपना अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र डालें।
03
गणना करें दबाएँ
टूल चंद्र कैलेंडर और आपके स्थान के आधार पर दुर्गा पूजा की सभी तिथियाँ ढूंढता है।
04
देखें और एक्सपोर्ट करें
सभी तिथियाँ टेबल में देखें, टेक्स्ट कॉपी करें, CSV डाउनलोड करें, या प्रिंट करें।
दुर्गा पूजा (शारदीय नवरात्रि) क्या है?
दुर्गा पूजा, जिसे शारदीय नवरात्रि के नाम से भी जाना जाता है, देवी दुर्गा की पूजा को समर्पित 9 दिवसीय त्योहार है। यह हिंदू माह अश्विन (सितंबर-अक्टूबर) में मनाया जाता है और देवी दुर्गा की महिषासुर राक्षस पर विजय का प्रतीक है। त्योहार अश्विन शुक्ल प्रतिपदा से शुरू होता है और विजयदशमी (दशमी) पर समाप्त होता है। यह पश्चिम बंगाल, असम, ओडिशा और भारत के अन्य हिस्सों में सबसे महत्वपूर्ण त्योहार है।
दुर्गा पूजा का महत्व
अच्छाई की विजय
दुर्गा पूजा देवी दुर्गा की महिषासुर पर विजय का उत्सव है, जो अच्छाई की बुराई पर विजय का प्रतीक है।
दिव्य स्त्री शक्ति
यह त्योहार दिव्य स्त्री ऊर्जा (शक्ति) और देवी की शक्ति का सम्मान करता है।
सांस्कृतिक उत्सव
दुर्गा पूजा भव्य पंडालों, कला, संगीत और नृत्य के साथ एक भव्य सांस्कृतिक उत्सव है।
दुर्गा पूजा की विधियाँ और उत्सव
दुर्गा पूजा 9 दिनों में विभिन्न विधियों और परंपराओं के साथ मनाई जाती है:
🪷
महालया — पितरों को तर्पण, दुर्गा पूजा का आरंभ
🌿
बोधन — देवी को जागृत करना, कलश स्थापना
🙏
अष्टमी पूजा — 8वें दिन विशेष पूजा, कुमारी पूजन
🔥
होम-हवन — देवी को समर्पित अग्निहोत्र
🎨
मूर्ति विसर्जन — दशमी को देवी की मूर्ति का विसर्जन
🎵
भजन-कीर्तन — देवी के भक्ति गीतों का संगीत
🍬
प्रसाद वितरण — भोग और मिठाइयाँ बाँटना
🧑🤝🧑
सांस्कृतिक कार्यक्रम — पंडालों में नृत्य, नाट्य प्रदर्शन
दुर्गा पूजा की उत्पत्ति
दुर्गा पूजा की उत्पत्ति प्राचीन हिंदू ग्रंथों में देखी जा सकती है, जिसमें मार्कंडेय पुराण का देवी महात्म्य (चंडी पाठ) शामिल है। इसमें देवी दुर्गा और महिषासुर के बीच नौ दिनों तक चले युद्ध का वर्णन है, जो दसवें दिन दुर्गा की विजय के साथ समाप्त हुआ। यह त्योहार 16वीं शताब्दी में बंगाल में प्रमुख हुआ और तब से भारत में सबसे व्यापक रूप से मनाए जाने वाले त्योहारों में से एक बन गया। आज, दुर्गा पूजा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि एक भव्य सांस्कृतिक उत्सव भी है जो समुदायों को एक साथ लाता है।
दुर्गा पूजा मनाने के लाभ
सुरक्षा और शक्ति
दुर्गा की पूजा नकारात्मक ऊर्जाओं से सुरक्षा और आंतरिक शक्ति प्रदान करती है।
आध्यात्मिक विकास
नवरात्रि के 9 दिन आध्यात्मिक चिंतन और विकास का अवसर हैं।
सामुदायिक एकता
दुर्गा पूजा परिवारों और समुदायों को एक साथ लाती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
दुर्गा पूजा कब मनाई जाती है?
दुर्गा पूजा अश्विन शुक्ल प्रतिपदा से विजयदशमी (दशमी) तक मनाई जाती है, जो आमतौर पर सितंबर-अक्टूबर में पड़ता है।
महालया का क्या महत्व है?
महालया दुर्गा पूजा की शुरुआत है। यह सर्व पितृ अमावस्या का दिन है, जब लोग अपने पूर्वजों को श्रद्धांजलि देते हैं। यह वह दिन भी है जब देवी दुर्गा को पृथ्वी पर आने के लिए आमंत्रित किया जाता है।
नवरात्रि के दौरान दुर्गा के 9 रूप कौन से हैं?
9 रूप हैं: शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंधमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री। प्रत्येक की पूजा नवरात्रि के एक अलग दिन की जाती है।
क्या इस टूल का डेटा सटीक है?
यह मानक खगोलीय सूत्रों का उपयोग करता है। सटीक मुहूर्त समय के लिए, कृपया स्थानीय पंचांग या पुरोहित से पुष्टि करें।
दुर्गा पूजा न चूकें
अपना ईमेल दें — हम आपको दुर्गा पूजा से पहले सूचित करेंगे, ताकि आप भव्य उत्सव की तैयारी कर सकें।
नोट: यहाँ की दुर्गा पूजा तिथियाँ मानक खगोलीय सूत्रों का उपयोग करके गणना की गई हैं। सटीक मुहूर्त समय के लिए, कृपया स्थानीय पंचांग या पुरोहित से पुष्टि करें।
