मकर संक्रांति तिथियाँ कैलेंडर
किसी भी साल के लिए मकर संक्रांति की सटीक तिथि — जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है। उत्तरायण के रूप में भी जाना जाने वाला यह त्योहार दिनों के बड़े होने और फसल के मौसम की शुरुआत का प्रतीक है।
मकर संक्रांति वह दिन है जब सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है। यह वर्ष का पहला सौर त्योहार है और उत्तरायण की शुरुआत का प्रतीक है — छह महीने की अवधि जब सूर्य उत्तर दिशा में गति करता है।
इस टूल को कैसे उपयोग करें
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साल चुनें
जिस साल की मकर संक्रांति तिथि चाहिए वह डालें — बीता हुआ, चालू, या आने वाला साल।
02
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टूल सूर्य की स्थिति के आधार पर मकर संक्रांति की सटीक तिथि और समय ढूंढता है।
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देखें और एक्सपोर्ट करें
तिथि, सूर्योदय, सूर्यास्त देखें और जानकारी को एक्सपोर्ट करें।
मकर संक्रांति क्या है?
मकर संक्रांति सूर्य देव को समर्पित एक प्रमुख हिंदू त्योहार है। यह वह दिन है जब सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है। यह संक्रमण प्रत्येक वर्ष 14 या 15 जनवरी को होता है (कभी-कभी 13 जनवरी)। यह त्योहार पूरे भारत में अलग-अलग नामों से जाना जाता है — तमिलनाडु में पोंगल, पंजाब में लोहड़ी, गुजरात में उत्तरायण और असम में माघ बिहू। यह एक फसल उत्सव है जो बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है और उत्तरायण की शुरुआत का प्रतीक है — सूर्य की उत्तर दिशा में यात्रा की छह महीने की अवधि।
मकर संक्रांति का महत्व
उत्तरायण प्रारंभ
मकर संक्रांति उत्तरायण की शुरुआत है, जब सूर्य उत्तर दिशा में गति करता है। इसे आध्यात्मिक अभ्यासों के लिए शुभ समय माना जाता है।
फसल उत्सव
मकर संक्रांति फसल के मौसम का उत्सव है। यह सर्दियों के अंत और लंबे, गर्म दिनों की शुरुआत का प्रतीक है।
दान और पुण्य
मकर संक्रांति को दान के लिए अत्यंत शुभ दिन माना जाता है, विशेष रूप से भोजन, कपड़े और आवश्यक वस्तुओं का दान।
मकर संक्रांति की विधियाँ और उत्सव
☀️
सूर्य पूजा — सूर्य देव को अर्घ्य देना, सूर्य नमस्कार
🌾
तिल-गुड़ दान — तिल और गुड़ का दान, मिठाई बाँटना
🪁
पतंग उड़ाना — पतंग उड़ाना, विशेष रूप से गुजरात में
🍚
खिचड़ी भोज — खिचड़ी बनाना और खाना, सामूहिक भोज
🪔
दीपक जलाना — सूर्य देव को समर्पित दीपक
🧘
स्नान-दान — गंगा स्नान, पवित्र नदियों में डुबकी
🎊
मेले — पतंग मेले, सांस्कृतिक कार्यक्रम
🤝
आशीर्वाद — बड़ों से आशीर्वाद लेना
भारत में मकर संक्रांति
🌴
तमिलनाडु — पोंगल, 4 दिवसीय फसल उत्सव
🌾
पंजाब — लोहड़ी, अग्नि पूजा और भांगड़ा
🪁
गुजरात — उत्तरायण, अंतर्राष्ट्रीय पतंग महोत्सव
🌺
असम — माघ बिहू, बिहू नृत्य और भोज
🪷
बिहार/यूपी — खिचड़ी, दान-पुण्य का पर्व
🍯
महाराष्ट्र — तिल-गुड़, मिठाई और दान
🏊
पश्चिम बंगाल — गंगा स्नान, पिठे-पुली
🌿
केरल — मकर विळक्कु, सबरीमाला में दीपोत्सव
मकर संक्रांति की उत्पत्ति
मकर संक्रांति की उत्पत्ति वैदिक काल से है। इसका उल्लेख महाभारत सहित कई प्राचीन ग्रंथों में मिलता है, जहाँ भीष्म पितामह ने इस दिन अपने शरीर का त्याग किया था। यह त्योहार सौर चक्र पर आधारित है और दुनिया के सबसे पुराने खगोलीय-आधारित त्योहारों में से एक है। यूनानी इतिहासकार मेगस्थनीज (350-290 ईसा पूर्व) ने अपने लेखन में इस त्योहार का उल्लेख किया है, जो इसकी प्राचीनता को दर्शाता है। यह दिन नई शुरुआत, दान और आध्यात्मिक नवीनीकरण का समय माना जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मकर संक्रांति की तिथि क्या है?
मकर संक्रांति आमतौर पर हर साल 14 या 15 जनवरी को पड़ती है। कभी-कभी यह 13 जनवरी को भी हो सकती है। सटीक तिथि सूर्य के मकर राशि में प्रवेश पर निर्भर करती है।
मकर संक्रांति और पोंगल में क्या अंतर है?
मकर संक्रांति और पोंगल दोनों सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का उत्सव मनाते हैं। पोंगल त्योहार का तमिल संस्करण है, जो तमिलनाडु में 4 दिनों तक मनाया जाता है।
मकर संक्रांति क्यों महत्वपूर्ण है?
मकर संक्रांति उत्तरायण की शुरुआत है, जिसे आध्यात्मिक अभ्यासों के लिए शुभ समय माना जाता है। यह पूरे भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाने वाला फसल उत्सव भी है।
क्या इस टूल का डेटा सटीक है?
यह सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के सटीक क्षण की गणना करने के लिए मानक खगोलीय सूत्रों का उपयोग करता है। दिखाई गई तिथि वह दिन है जब यह संक्रमण आपके स्थानीय समय के अनुसार होता है।
मकर संक्रांति न चूकें
अपना ईमेल दें — हम आपको मकर संक्रांति से पहले सूचित करेंगे, ताकि आप उत्सव की तैयारी कर सकें।
नोट: यहाँ की मकर संक्रांति तिथियाँ सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के लिए मानक खगोलीय सूत्रों का उपयोग करके गणना की गई हैं। सटीक समय आपके स्थान के आधार पर कुछ मिनटों तक भिन्न हो सकता है।
