बिहू (असमिया फसल उत्सव) तिथियाँ कैलेंडर
असम के तीन बिहू त्योहारों की सटीक तिथियाँ — रोंगाली बिहू (बोहाग बिहू), कोंगाली बिहू (काती बिहू) और भोगाली बिहू (माघ बिहू)। ये फसल उत्सव पारंपरिक नृत्यों, भोज और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ मनाए जाते हैं।
बिहू असम के तीन फसल उत्सव हैं। रोंगाली बिहू (बोहाग बिहू) अप्रैल में असमिया नव वर्ष का प्रतीक है, कोंगाली बिहू (काती बिहू) अक्टूबर में और भोगाली बिहू (माघ बिहू) जनवरी में मनाया जाता है। प्रत्येक त्योहार के अपने अनूठे रिवाज और उत्सव हैं।
इस टूल को कैसे उपयोग करें
01
साल चुनें
जिस साल की बिहू तिथियाँ चाहिए वह डालें।
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अपना शहर चुनें
एक प्रीसेट शहर चुनें या 'कस्टम' चुनकर अपना अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र डालें।
03
गणना करें दबाएँ
टूल पारंपरिक असमिया कैलेंडर के आधार पर सभी 3 बिहू तिथियाँ ढूंढता है।
04
देखें और एक्सपोर्ट करें
सभी तिथियाँ देखें, टेक्स्ट कॉपी करें, या प्रिंट करें।
बिहू क्या है?
बिहू असम, भारत में मनाए जाने वाले तीन प्रमुख फसल उत्सवों का सामूहिक नाम है। तीन बिहू हैं: रोंगाली बिहू (बोहाग बिहू) अप्रैल में, कोंगाली बिहू (काती बिहू) अक्टूबर में और भोगाली बिहू (माघ बिहू) जनवरी में। प्रत्येक त्योहार का अपना अनूठा महत्व, रिवाज और परंपराएँ हैं। बिहू केवल एक त्योहार नहीं है बल्कि असमिया संस्कृति, पहचान और एकता का उत्सव है। त्योहारों को पारंपरिक नृत्य (बिहू नृत्य), गीत, भोज और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों द्वारा चिह्नित किया जाता है।
3 बिहू त्योहार
🌸
रोंगाली बिहू (बोहाग) — असमिया नव वर्ष, बिहू नृत्य, रंगों का त्योहार
🪔
कोंगाली बिहू (काती) — दीपक जलाना, प्रार्थना, कमी का समय
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भोगाली बिहू (माघ) — अलाव, भोज, मिठाई, फसल उत्सव
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बिहू नृत्य — पारंपरिक असमिया नृत्य, ढोल, पेपा
बिहू का महत्व
फसल उत्सव
प्रत्येक बिहू कृषि चक्र के एक अलग चरण — बुवाई, बढ़ने और कटाई का उत्सव मनाता है।
सांस्कृतिक पहचान
बिहू असमिया संस्कृति का केंद्र है, जो असम के लोगों की एकता और विविधता का प्रतिनिधित्व करता है।
आध्यात्मिक महत्व
बिहू त्योहारों में अच्छी फसल, समृद्धि और समुदाय के कल्याण के लिए प्रार्थनाएँ शामिल हैं।
बिहू की उत्पत्ति
बिहू की उत्पत्ति असम की प्राचीन कृषि परंपराओं से हुई है। 'बिहू' शब्द संस्कृत शब्द 'विषु' से लिया गया है, जिसका अर्थ है 'विषुव'। ये त्योहार कृषि चक्र और बदलते मौसमों से निकटता से जुड़े हुए हैं। बिहू सदियों से मनाया जाता रहा है और असमिया लोककथाओं, पौराणिक कथाओं और सांस्कृतिक पहचान में गहराई से निहित है। ये त्योहार विभिन्न देवताओं से भी जुड़े हैं, जिनमें भगवान शिव और देवी पार्वती शामिल हैं, और माना जाता है कि ये समृद्धि और खुशी लाते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
तीन बिहू कौन से हैं?
तीन बिहू हैं: रोंगाली बिहू (बोहाग बिहू) अप्रैल में, कोंगाली बिहू (काती बिहू) अक्टूबर में और भोगाली बिहू (माघ बिहू) जनवरी में।
रोंगाली बिहू कब मनाया जाता है?
रोंगाली बिहू (बोहाग बिहू) अप्रैल में, आमतौर पर 13 अप्रैल को मनाया जाता है, जो असमिया नव वर्ष का प्रतीक है।
भोगाली बिहू में क्या खास है?
भोगाली बिहू (माघ बिहू) फसल उत्सव है जो अलाव, भोज और पिठा और लारू जैसी पारंपरिक मिठाइयों के साथ मनाया जाता है।
क्या इस टूल का डेटा सटीक है?
तिथियाँ पारंपरिक असमिया कैलेंडर पर आधारित हैं और ज्ञात बिहू तिथियों से सत्यापित हैं। सटीक समय के लिए कृपया स्थानीय स्रोतों से पुष्टि करें।
बिहू न चूकें
अपना ईमेल दें — हम आपको प्रत्येक बिहू त्योहार से पहले सूचित करेंगे, ताकि आप उत्सव की तैयारी कर सकें।
नोट: यहाँ की बिहू तिथियाँ पारंपरिक असमिया कैलेंडर के आधार पर गणना की गई हैं। सटीक तिथियाँ क्षेत्र और स्थानीय खगोलीय गणनाओं के आधार पर थोड़ी भिन्न हो सकती हैं।
