பொங்கல் / Pongal / पोंगल तिथियाँ — धर्मयुगम्
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பொங்கல் / पोंगल (थाई पोंगल) तिथियाँ कैलेंडर

किसी भी साल के लिए 4-दिवसीय पोंगल त्योहार की सटीक तिथियाँ — भोगी पोंगल, थाई पोंगल, मट्टु पोंगल और कानुम पोंगल। तमिलनाडु का यह फसल उत्सव मकर संक्रांति के साथ मनाया जाता है।

पोंगल एक 4-दिवसीय तमिल फसल उत्सव है जो मकर संक्रांति के साथ मनाया जाता है। थाई पोंगल (मुख्य दिन) तब मनाया जाता है जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है। भोगी पोंगल एक दिन पहले, मट्टु पोंगल एक दिन बाद और कानुम पोंगल चौथे दिन मनाया जाता है।

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इस टूल को कैसे उपयोग करें

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साल चुनें

जिस साल की पोंगल तिथियाँ चाहिए वह डालें।

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अपना शहर चुनें

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गणना करें दबाएँ

टूल सूर्य की स्थिति के आधार पर सभी 4 पोंगल दिन ढूंढता है।

04

देखें और एक्सपोर्ट करें

सभी तिथियाँ देखें, टेक्स्ट कॉपी करें, या प्रिंट करें।

पोंगल (थाई पोंगल) क्या है?

पोंगल एक 4-दिवसीय फसल उत्सव है जो तमिलनाडु और दुनिया भर के तमिलों द्वारा मनाया जाता है। 'पोंगल' का अर्थ है 'उबलना' या 'बहना', जो बहुतायत और समृद्धि का प्रतीक है। यह त्योहार सूर्य देव को समर्पित है और मकर संक्रांति के साथ मनाया जाता है — जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है। मुख्य दिन, थाई पोंगल, तमिल महीने थाई (14/15 जनवरी) के पहले दिन मनाया जाता है।

पोंगल का महत्व

🌾

फसल उत्सव

पोंगल फसल के मौसम का उत्सव है और भरपूर फसल के लिए सूर्य देव को धन्यवाद देता है।

☀️

उत्तरायण

पोंगल उत्तरायण की शुरुआत है — सूर्य की उत्तर दिशा में यात्रा।

🐄

प्रकृति के प्रति आभार

यह त्योहार मवेशियों (मट्टु पोंगल) का सम्मान करता है और प्रकृति के सभी तत्वों के प्रति आभार व्यक्त करता है।

पोंगल के 4 दिन

🔥

भोगी पोंगल — पुरानी चीजें जलाना, नए की शुरुआत

☀️

थाई पोंगल (मुख्य) — सूर्य पूजा, पोंगल पकाना, प्रसाद

🐄

मट्टु पोंगल — मवेशियों की पूजा, जल्लीकट्टु

🤝

कानुम पोंगल — पारिवारिक मिलन, भोज, आशीर्वाद

पोंगल की उत्पत्ति

पोंगल भारत के सबसे पुराने त्योहारों में से एक है, जो संगम काल (लगभग 200 ईसा पूर्व से 300 ईस्वी) से चला आ रहा है। प्राचीन तमिल साहित्य में इसका उल्लेख 'पोंगल थिरुनाल' के रूप में मिलता है। यह त्योहार सूर्य देव और हिंदू देव इंद्र को समर्पित है। दूध के साथ चावल उबालने की परंपरा बहुतायत और समृद्धि का प्रतीक है। सदियों से, पोंगल तमिलनाडु में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाने वाला एक भव्य फसल उत्सव बन गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पोंगल कब मनाया जाता है?

पोंगल हर साल 14 या 15 जनवरी को मनाया जाता है। थाई पोंगल, मुख्य दिन, मकर संक्रांति के साथ मनाया जाता है।

पोंगल और मकर संक्रांति में क्या अंतर है?

दोनों सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का उत्सव मनाते हैं। पोंगल तमिल संस्करण है, जो 4 दिनों तक मनाया जाता है। मकर संक्रांति पूरे भारत में विभिन्न क्षेत्रीय नामों से मनाई जाती है।

मट्टु पोंगल में क्या खास है?

मट्टु पोंगल मवेशियों (गाय और बैल) को समर्पित है। किसान अपने मवेशियों को सजाते हैं, उन्हें विशेष भोजन खिलाते हैं, और कुछ क्षेत्रों में प्रसिद्ध जल्लीकट्टु (बैल-पालतू) आयोजन होता है।

क्या इस टूल का डेटा सटीक है?

यह सूर्य के मकर राशि में प्रवेश की गणना करने के लिए मानक खगोलीय सूत्रों का उपयोग करता है। तिथियाँ तमिल कैलेंडर पर आधारित हैं और ज्ञात पोंगल तिथियों से सत्यापित हैं।

पोंगल न चूकें

अपना ईमेल दें — हम आपको पोंगल से पहले सूचित करेंगे, ताकि आप उत्सव की तैयारी कर सकें।

नोट: यहाँ की पोंगल तिथियाँ सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के लिए मानक खगोलीय सूत्रों का उपयोग करके गणना की गई हैं। सटीक तिथियाँ आपके स्थान के आधार पर थोड़ी भिन्न हो सकती हैं।