आयादि कैलकुलेटर — धर्मयुगम्
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आयादि कैलकुलेटर

किसी भी तिथि के छह आयादि कारकों (आय, व्यय, योनि, वार, तिथि, नक्षत्र) का विश्लेषण करें — यह वास्तु शास्त्र और मुहूर्त में भवनों और कार्यक्रमों की शुभता का मूल्यांकन करने के लिए उपयोग किया जाता है।

आयादि गणनाएँ वास्तु शास्त्र में भवन की शुभता निर्धारित करने के लिए उपयोग की जाती हैं। छह कारक हैं: आय (आय/समृद्धि), व्यय (व्यय), योनि (स्रोत/सृष्टि), वार (दिन), तिथि (चंद्र दिन), और नक्षत्र (तारामंडल)।

कोई तिथि डालें और “आयादि निकालें” दबाएँ विश्लेषण देखने के लिए।

इस टूल को कैसे उपयोग करें

01

तिथि चुनें

कोई भी तिथि चुनें जिसका आयादि विश्लेषण करना चाहते हैं — भवन उद्घाटन, खरीद, या किसी भी कार्यक्रम के लिए।

02

अपना शहर चुनें

एक प्रीसेट शहर चुनें या 'कस्टम' चुनकर अपना अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र डालें सटीक सूर्योदय/तिथि गणना के लिए।

03

गणना करें दबाएँ

टूल छह आयादि कारकों की गणना करता है: आय, व्यय, योनि, वार, तिथि, और नक्षत्र — उनकी शुभता रेटिंग के साथ।

04

परिणाम समझें

प्रत्येक कारक को शुभ, मध्यम, या अशुभ रेटिंग दी जाती है। अधिक 'शुभ' कारकों वाला भवन अधिक शुभ माना जाता है।

आयादि क्या है?

आयादि छह कारकों का एक समूह है जो वास्तु शास्त्र और मुहूर्त में भवन या कार्यक्रम की शुभता का मूल्यांकन करने के लिए उपयोग किया जाता है। 'आयादि' शब्द पहले दो कारकों — आय और व्यय — से लिया गया है। ये छह कारक भवन के निर्माण या खरीद की तिथि और समय के आधार पर गणना किए जाते हैं। माना जाता है कि ये निवासियों की समृद्धि, स्वास्थ्य और कल्याण को प्रभावित करते हैं।

छह आयादि कारक

💰

आय (Aaya) — आय / समृद्धि

💸

व्यय (Vyaya) — व्यय / खर्च

🌸

योनि (Yoni) — स्रोत / सृष्टि

📅

वार (Vara) — सप्ताह का दिन

🌙

तिथि (Tithi) — चंद्र दिन

नक्षत्र (Nakshatra) — तारामंडल

प्रत्येक कारक का मूल्यांकन वास्तु शास्त्र के सिद्धांतों के आधार पर किया जाता है। समग्र शुभता सभी छह कारकों के संयोजन से निर्धारित होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

वास्तु में आयादि का क्या महत्व है?

वास्तु शास्त्र में, आयादि का उपयोग निर्माण या खरीद से पहले भवन की शुभता निर्धारित करने के लिए किया जाता है। मान्यता है कि अच्छे आयादि कारकों वाला भवन निवासियों को समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशी लाता है।

आय की गणना कैसे की जाती है?

आय की गणना तिथि और एक संदर्भ बिंदु से दिनों की कुल संख्या के आधार पर की जाती है। सूत्र में चंद्र दिन, सौर दिन और नक्षत्र की स्थिति शामिल होती है। टूल स्वचालित रूप से खगोलीय सूत्रों का उपयोग करके इसकी गणना करता है।

रेटिंग का क्या अर्थ है?

प्रत्येक कारक को शुभ (🟢), मध्यम (🟡), या अशुभ (🔴) रेटिंग दी जाती है। शुभ का अर्थ अनुकूल, मध्यम का अर्थ तटस्थ, और अशुभ का अर्थ प्रतिकूल है। अधिक शुभ कारकों वाला भवन अधिक अनुकूल माना जाता है।

क्या इस टूल की गणना १००% सही है?

यह मध्य-सटीक खगोलीय सूत्रों का उपयोग करता है, जो लगभग सभी व्यावहारिक उद्देश्यों के लिए सही हैं। हालाँकि, आयादि गणनाएँ विभिन्न क्षेत्रीय परंपराओं और पंचांग प्रणालियों के आधार पर थोड़ी भिन्न हो सकती हैं। महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए हमेशा वास्तु विशेषज्ञ से सलाह लें।

नियमित आयादि रिपोर्ट प्राप्त करें

अपना ईमेल दें — हम आपको महत्वपूर्ण तिथियों और भवन संबंधी विचारों के लिए आयादि विश्लेषण भेजेंगे।

नोट: आयादि गणनाएँ खगोलीय सूत्रों और पारंपरिक सिद्धांतों पर आधारित हैं। महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए, कृपया एक योग्य वास्तु सलाहकार या पुरोहित से परामर्श करें।