छठ पूजा तिथियाँ कैलेंडर
किसी भी साल के लिए 4-दिवसीय छठ पूजा त्योहार की सटीक तिथियाँ — सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित प्राचीन हिंदू त्योहार। छठ पूजा हिंदू माह कार्तिक (अक्टूबर-नवंबर) के शुक्ल पक्ष की षष्ठी (6वें दिन) को मनाई जाती है।
छठ पूजा एक 4-दिवसीय त्योहार है: नहाय-खाय (दिन 1), खरना (दिन 2), संध्या अर्घ्य (दिन 3 - मुख्य दिन), और उषा अर्घ्य (दिन 4)। यह कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी (6वें दिन) को मनाया जाता है। यह टूल सभी 4 दिनों की गणना सूर्योदय और सूर्यास्त के समय के साथ करता है।
इस टूल को कैसे उपयोग करें
01
साल चुनें
जिस साल की छठ पूजा तिथियाँ चाहिए वह डालें।
02
अपना शहर चुनें
एक प्रीसेट शहर चुनें या 'कस्टम' चुनकर अपना अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र डालें।
03
गणना करें दबाएँ
टूल हिंदू कैलेंडर के आधार पर सभी 4 छठ पूजा दिन ढूंढता है।
04
देखें और एक्सपोर्ट करें
सभी तिथियाँ देखें, टेक्स्ट कॉपी करें, या प्रिंट करें।
छठ पूजा क्या है?
छठ पूजा सूर्य देव और छठी मैया (देवी उषा) को समर्पित एक प्राचीन हिंदू त्योहार है। यह मुख्य रूप से बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और नेपाल में मनाया जाता है। यह त्योहार चार दिनों तक चलता है और इसमें कठोर उपवास, पवित्र स्नान और उगते और डूबते सूर्य को प्रार्थना अर्पित करना शामिल है। भक्त बिना पानी के कठोर व्रत रखते हैं और सूर्यास्त और सूर्योदय पर सूर्य को अर्घ्य अर्पित करते हैं। छठ पूजा सबसे पर्यावरण-अनुकूल त्योहारों में से एक है, जिसे बड़ी भक्ति और पवित्रता के साथ मनाया जाता है।
छठ पूजा के 4 दिन
🌊
नहाय-खाय (दिन 1) — पवित्र स्नान और भोजन
🍚
खरना (दिन 2) — दिन भर व्रत, शाम को खीर
🌅
संध्या अर्घ्य (दिन 3 — मुख्य) — डूबते सूर्य को अर्घ्य
🌄
उषा अर्घ्य (दिन 4) — उगते सूर्य को अर्घ्य, व्रत समाप्त
छठ पूजा का महत्व
सूर्य पूजा
छठ पूजा सूर्य देव को समर्पित है, जो पृथ्वी पर सभी ऊर्जा और जीवन के स्रोत हैं।
शुद्धिकरण
नदियों और जलाशयों में पवित्र स्नान शरीर और आत्मा को शुद्ध करता है, भक्तों को व्रत के लिए तैयार करता है।
परिवार की कल्याण
भक्त अपने परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य, समृद्धि और खुशी के लिए प्रार्थना करते हैं।
छठ पूजा की विधियाँ और उत्सव
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नहाय-खाय — पवित्र नदी में स्नान, व्रत की शुरुआत
🍚
खरना — गुड़ और चावल की खीर का भोग
🌅
संध्या अर्घ्य — डूबते सूर्य को अर्घ्य, सूर्यकुंड में
🌄
उषा अर्घ्य — उगते सूर्य को अर्घ्य, व्रत समाप्त
🪔
दीपक — घरों में दीपक जलाना
🎵
लोक गीत — छठ के पारंपरिक गीत
🍬
प्रसाद — ठेकुआ, मिठाई, फल
🤝
आशीर्वाद — बड़ों से आशीर्वाद लेना
छठ पूजा की उत्पत्ति
छठ पूजा की उत्पत्ति प्राचीन वैदिक काल से हुई है और ऋग्वेद में इसका उल्लेख मिलता है, जहाँ सूर्य पूजा का वर्णन है। यह त्योहार महाकाव्य महाभारत से जुड़ा है, जहाँ द्रौपदी और कुंती ने छठ पूजा की है। कथा के अनुसार, कुंती ने पांडवों के लिए आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए पूजा की थी, और द्रौपदी ने अपनी चुनौतियों को दूर करने के लिए इसे किया था। यह त्योहार हजारों वर्षों से मनाया जा रहा है और बिहार और पूर्वी भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं में गहराई से निहित है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
छठ पूजा कब मनाई जाती है?
छठ पूजा हिंदू माह कार्तिक के शुक्ल पक्ष की षष्ठी (6वें दिन) को मनाई जाती है, जो आमतौर पर अक्टूबर या नवंबर में पड़ती है।
छठ पूजा के 4 दिन कौन से हैं?
4 दिन हैं: नहाय-खाय (दिन 1), खरना (दिन 2), संध्या अर्घ्य (दिन 3 - मुख्य दिन), और उषा अर्घ्य (दिन 4)।
अर्घ्य का क्या महत्व है?
अर्घ्य सूर्य देव को जल, दूध और अन्य वस्तुओं का अर्पण है। यह सूर्यास्त और सूर्योदय पर अर्पित किया जाता है, जो कृतज्ञता और भक्ति का प्रतीक है।
क्या इस टूल का डेटा सटीक है?
हाँ, तिथियाँ हिंदू चंद्र-सौर कैलेंडर के आधार पर गणना की गई हैं। सटीक तिथियाँ स्थान के आधार पर एक दिन भिन्न हो सकती हैं।
छठ पूजा न चूकें
अपना ईमेल दें — हम आपको छठ पूजा से पहले सूचित करेंगे, ताकि आप उत्सव की तैयारी कर सकें।
नोट: यहाँ की छठ पूजा तिथियाँ हिंदू चंद्र-सौर कैलेंडर के आधार पर गणना की गई हैं। सटीक तिथियों के लिए कृपया स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें।
