स्कंद षष्ठी कैलेंडर
पूरे साल की स्कंद षष्ठी (शुक्ल पक्ष षष्ठी) तिथियाँ अपने शहर के हिसाब से निकालें — विशेष सूरसंहार दिवस और भगवान मुरुगन की पूजा के शुभ मुहूर्त भी साथ में।
स्कंद षष्ठी हर महीने की शुक्ल पक्ष षष्ठी (छठी तिथि) को मनाई जाती है, जो भगवान कार्तिकेय (मुरुगन) को समर्पित है। सबसे प्रसिद्ध कार्तिक माह की स्कंद षष्ठी है, जिसमें सूरसंहार का उत्सव शामिल है। यह टूल सभी मासिक स्कंद षष्ठी तिथियों की गणना शुभ पूजा मुहूर्त के साथ करता है।
इस टूल को कैसे उपयोग करें
01
साल चुनें
जिस साल की स्कंद षष्ठी तिथियाँ चाहिए वह डालें — बीता हुआ, चालू, या आने वाला साल।
02
अपना शहर चुनें
एक प्रीसेट शहर चुनें या 'कस्टम' चुनकर अपना अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र डालें।
03
गणना करें दबाएँ
टूल पूरे साल को स्कैन करके उन सभी तिथियों की सूची देता है जहाँ आपके स्थानीय सूर्योदय पर शुक्ल पक्ष षष्ठी (तिथि 6) व्याप्त होती है।
04
पूजा मुहूर्त देखें
हर पंक्ति में स्कंद षष्ठी की तिथि और भगवान मुरुगन की पूजा के शुभ मुहूर्त दिखते हैं।
स्कंद षष्ठी क्या है?
स्कंद षष्ठी हिंदू चंद्र कैलेंडर के शुक्ल पक्ष (बढ़ते चाँद) की षष्ठी (छठी तिथि) है, जो भगवान कार्तिकेय — जिन्हें मुरुगन, स्कंद, सुब्रह्मण्य और षण्मुख के नाम से भी जाना जाता है — को समर्पित है। वे भगवान शिव और देवी पार्वती के पुत्र हैं, और दिव्य सेनाओं के सेनापति हैं। जबकि स्कंद षष्ठी हर महीने आती है, सबसे महत्वपूर्ण कार्तिक मास (अक्टूबर-नवंबर) की स्कंद षष्ठी है, जो भगवान मुरुगन की राक्षस सूरपद्मन पर विजय का स्मरण कराती है, जिसे सूरसंहार कहा जाता है।
स्कंद षष्ठी क्यों मनाई जाती है?
स्कंद षष्ठी भगवान मुरुगन का आशीर्वाद साहस, विजय और बाधाओं के निवारण के लिए प्राप्त करने के लिए मनाई जाती है। मान्यता है कि भगवान मुरुगन अपने भक्तों को शक्ति, बुद्धि और नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा प्रदान करते हैं। कार्तिक स्कंद षष्ठी पर सूरसंहार का उत्सव अच्छाई की बुराई पर विजय का प्रतीक है, और कई भक्त उपवास रखते हैं, विशेष अभिषेक करते हैं, और भगवान की कृपा प्राप्त करने के लिए कंद षष्ठी कवच (एक भक्तिमय स्तोत्र) का जाप करते हैं।
स्कंद षष्ठी मनाने के लाभ
विजय और सफलता
भगवान मुरुगन देवताओं के सेनापति हैं — उनकी पूजा सभी प्रयासों में विजय लाती है।
सुरक्षा
भक्तों को नकारात्मक ऊर्जाओं और हानिकारक प्रभावों से सुरक्षा मिलती है।
बुद्धि और साहस
स्कंद की पूजा बुद्धि, साहस और निर्णय लेने की क्षमता को बढ़ाती है।
शक्ति और स्फूर्ति
स्कंद षष्ठी का नियमित पालन शारीरिक और मानसिक शक्ति प्रदान करता है।
आध्यात्मिक विकास
इस दिन उपवास और प्रार्थना भक्ति और आध्यात्मिक जागरूकता को गहरा करते हैं।
बाधाओं का नाश
भगवान मुरुगन सभी बाधाओं को दूर करते हैं और सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं।
ये बिंदु सामान्य परंपरा और लोकप्रिय मान्यता को दर्शाते हैं, चिकित्सीय सलाह नहीं हैं। किसी भी स्वास्थ्य स्थिति वाले व्यक्ति को व्रत या सख्त कार्यक्रम से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
विशेष स्कंद षष्ठी के नाम
प्रत्येक स्कंद षष्ठी का चंद्र मास के आधार पर एक अलग नाम है:
चैत्र (Mar-Apr)
चैत्र स्कंद षष्ठी — वसंत ऋतु, नई शुरुआत
वैशाख (Apr-May)
वैशाख स्कंद षष्ठी — बुद्धि और ज्ञान की प्राप्ति
ज्येष्ठ (May-Jun)
ज्येष्ठ स्कंद षष्ठी — शक्ति और साहस की वृद्धि
आषाढ़ (Jun-Jul)
आषाढ़ स्कंद षष्ठी — गुरु की कृपा
श्रावण (Jul-Aug)
श्रावण स्कंद षष्ठी — सावन माह की विशेष षष्ठी
भाद्रपद (Aug-Sep)
भाद्रपद स्कंद षष्ठी — गणेश उत्सव के बाद की षष्ठी
आश्विन (Sep-Oct)
आश्विन स्कंद षष्ठी — नवरात्रि की पूर्व तैयारी
🌟 कार्तिक (Oct-Nov)
कार्तिक स्कंद षष्ठी (सूरसंहार) — सबसे महत्वपूर्ण, विजयोत्सव
मार्गशीर्ष (Nov-Dec)
मार्गशीर्ष स्कंद षष्ठी — शीत ऋतु, आध्यात्मिक साधना
पौष (Dec-Jan)
पौष स्कंद षष्ठी — शाकंभरी उत्सव से जुड़ी
माघ (Jan-Feb)
माघ स्कंद षष्ठी — कुंभ मेला के समय
फाल्गुन (Feb-Mar)
फाल्गुन स्कंद षष्ठी — होली की पूर्व संध्या
कार्तिक स्कंद षष्ठी (🌟 से चिह्नित) सबसे महत्वपूर्ण और व्यापक रूप से मनाई जाने वाली स्कंद षष्ठी है, जो भगवान मुरुगन की राक्षस सूरपद्मन पर विजय का स्मरण कराती है।
स्कंद षष्ठी की उत्पत्ति
स्कंद षष्ठी का मूल स्कंद पुराण में मिलता है, जो भगवान कार्तिकेय के जन्म और राक्षस सूरपद्मन के खिलाफ उनके युद्ध का वर्णन करता है। कथा के अनुसार, भगवान शिव ने राक्षसों के खिलाफ दिव्य सेनाओं का नेतृत्व करने के लिए अपनी तीसरी आँख से स्कंद को उत्पन्न किया। युद्ध छह दिनों तक चला, और छठे दिन (षष्ठी) को भगवान मुरुगन ने सूरपद्मन को पराजित किया। इस दिन को सूरसंहार के रूप में मनाया जाता है, और त्योहार के छह दिन उपवास, प्रार्थना और भक्ति गायन के साथ मनाए जाते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या स्कंद षष्ठी उपवास का दिन है?
हाँ, कई भक्त स्कंद षष्ठी पर पूरे दिन का उपवास रखते हैं, विशेष रूप से कार्तिक माह के दौरान। कुछ 'फलाहार' उपवास (केवल फल और डेयरी) या पानी सहित पूर्ण उपवास रखते हैं। व्रत आमतौर पर शाम के अनुष्ठानों के बाद तोड़ा जाता है।
स्कंद षष्ठी पर कौन से अनुष्ठान किए जाते हैं?
सामान्य अनुष्ठानों में मुरुगन मूर्ति को अभिषेक, कंद षष्ठी कवच का पाठ, विशेष पूजा करना, फल और फूल अर्पित करना, और जुलूसों में भाग लेना शामिल है। कार्तिक स्कंद षष्ठी पर सूरसंहार का उत्सव विशेष रूप से विस्तृत होता है, जिसमें युद्ध के नाटकीय पुनर्निर्माण होते हैं।
एक साल में कितनी स्कंद षष्ठी होती हैं?
आमतौर पर एक साल में 12 स्कंद षष्ठी होती हैं — प्रत्येक चंद्र मास के लिए एक। कभी-कभी, एक साल में 13 हो सकती हैं जब एक अतिरिक्त चंद्र मास (अधिक मास) होता है। यह टूल चयनित साल के लिए सभी स्कंद षष्ठी तिथियों की गणना करता है।
क्या इस टूल की तिथि सूची १००% सही है?
यह मध्य-सटीक खगोलीय सूत्रों का उपयोग करता है, जो लगभग सभी व्यावहारिक उद्देश्यों के लिए सही हैं, लेकिन सूर्योदय के बहुत करीब की तिथि संक्रमण कभी-कभी प्रकाशित पंचांग से एक दिन अलग हो सकते हैं। महत्वपूर्ण तिथियों को हमेशा अपने विश्वसनीय स्थानीय पंचांग या पुरोहित से क्रॉस-चेक करें।
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